बॉलीवुड की इन 6 फिल्मों में बड़े परदे पर खूबसूरती से दिखाया डाकुओं की जिन्दगी को

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सुशांत की हालिया रिलीज फिल्म सोन चिड़िया में वह डाकू के किरदार में नजर आ रहे हैं. हिंदी सिनेमा में कई फिल्मों के जरिए डाकुओं की जिंदगी को दर्शाने की कोशिश की गई है. इन फिल्मों में अक्सर डाकुओं को के अनोखे अंदाज़ को दिखाया जाता है. बॉलीवुड की इन चुनिन्दा फिल्मों से स्पष्ट होता है कि किस तरह से हिंदी सिनेमा ने डाकुओं की जिंदगी को हमारे सामने कई अलग-अलग तरीके से पेश किया है. आइए बताते हैं ऐसी ही कुछ चुनिन्दा फिल्मों के बारे में.

1. मदर इंडिया

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भारत की सुपरहिट फिल्म जिसे अकादमी अवॉर्ड्स का नॉमिनेशन मिला था. महबूब खान की इस फिल्म को सिनेमा जगत का एक महाकाव्य माना जाता है. फिल्म के आखिर में सुनील दत्त खुद डाकुओं के काफिले में शामिल हो जाते हैं जिसके कारण उनकी मां उन्हें मार देती हैं. इस फिल्म में डाकुओं को कम समय के लिए दर्शाया गया था.

2. गंगा जमुना

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फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे थे दिलीप कुमार जिसका नाम गंगा था. फिल्म की कहानी के अनुसार वह एक डाकू बन जाते हैं. फिल्म को डायरेक्ट नितिन बोस और प्रोड्यूस दिलीप कुमार ने किया था.

3. जिस देश में गंगा बहती है

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@retrobollywood Pran 🎂 For Raaka’s look, Pran found what he was looking for in an English newspaper. A news report about a captured gang of dacoits featured a photograph of one of its members. In Bunny Reuben’s biography, titled …and Pran, the actor said, “It turned out that he was the most cruel of his gang. When he was killed in the police encounter, his body was found riddled with 21 bullets! Looking at his picture, I felt this is Raaka!” Pran and Kapoor modelled Raaka’s look (with the wig and moustache) from the dacoit’s photograph. But there was still one element missing from the character. During the filming, Pran embodied the character even after he went home after the shift. One night, after a particularly vivid dream, he woke up and the final piece of Raaka came to him. Back on set, he acted out his scene and ended it with the act of running his finger across his throat. When Kapoor asked him about the action, Pran said. “I told him how I had been trying to see him [Raaka] as a person rather than a character in a film. Waking up with a start from a dream one night, I found myself rubbing my fingers across my throat because I felt suffocated. I then decided that this gesture would convey what every dacoit must know — that justice or nemesis will eventually catch up with him." In 1961, Pran was nominated for the Filmfare award for Best Supporting Actor for his performance in the film, along with Mehmood, who was nominated for Sasural (1961). Both lost out to veteran Nana Palsikar for BR Chopra's Kanoon (1960). Caption and Image courtesy Cineataan. . . Seen here, Pran with actress Chanchal in a still from the film. Chanchal was Madhubala’s younger sister, in this picture the resemblance is uncanny! #pran #pransikand #birthdayboy #iconicactor #reveredactor #smallrolebigimpact #blackandwhitephoto #vintagemenswear #vintagestyle #hindifilms #bollywood #60sbollywood #retrobollywood #chanchal #jisdeshmeingangabehtihai #rakha

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हिंदी सिनेमा के सुपरहिट राज कपूर इस फिल्म में एक बाजा बजाने वाले बने थे जो गलती से डाकुओं की बस्ती में पहुंच जाता है. उन डाकुओं का सरदार का किरदार प्राण ने निभाया था. फिल्म में प्राण का राका वाला किरदार निभाकर डाकुओं और उनकी जिंदगी को काफी अच्छी तरह से दर्शाया है.

4. शोले

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'Kitne Aadmi The?' 'Sardaar Do Aadmi The' 'Suar Ke Bachchon, Woh Do The Aur Tum Teen, Phir Bhi Waapas Aa Gaye, Khali Haath!' I've watched this scene for idk maybe a million times and can watch it for another million. This entire scene is the most iconic and definitely the most imitated Bollywood scenes of all times. A big hats off to Amjad Khan sahab for immortalising the character of Gabbar Singh, for making this character a household name. Thanks to him for his inimitable, incredible acting feels like he really is a dacoit. Villain roles are not loved much by people but Gabbar Singh is probably one villain role which is loved by everyone! Enjoy 🎆 Part 2 coming up. • #Sholay #AmjadKhan #GabbarSingh #Iconic #OldBollywood

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साल 1975 में आई यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे मशहूर फिल्मों में से एक है. इस फिल्म में अमजद खान ने डाकू का किरदार निभाया था. वह मशहूर किरदार आज भी लोगो के जहन में बैठा हुआ है. फिल्म में मुख्य भूमिका धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन और संजीव कुमार ने निभाई थी.

5. बैंडिट क्वीन

बैंडिट क्वीन डाकुओं की जिंदगी पर बनी नए दौर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्म है. जिसमें सीमा बिस्वास ने फूलन देवी का किरदार बखूबी निभाया था. शेखर कपूर द्वारा 1994 में निर्मित इस फिल्म को ऑस्कर का नॉमिनेशन भी मिला था. फिल्म में फूलन देवी की असली जिंदगी की कहानी को सही ढंग से दर्शाया गया है.

6. पान सिंह तोमर

पुरानी फिल्मों से अलग 2010 में आई इस फिल्म में एक असली डाकू की कहानी को दर्शाया गया है. जो आर्मी के बाद स्पोर्ट्स और फिर कैसे एक डाकू बन जाता है. फिल्म का नाम ही उस डाकू पर रखा गया था. जिसका किरदार इरफान खान ने निभाया था.

Published by Yash Sharma on 02 Mar 2019

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