आर्मी की पहली पसंद है मारुति जिप्सी, बर्फीले रास्तों में भी लगाती है आसानी से दौड़

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मारुति की वैसे तो बहुत सी कारें हैं जो लोगों को बेहद पसंद है. लेकिन मारुति की जिप्सी कार की बात ही अलग है. यह कार भले ही आज कल आपको रोड पर बहुत कम देखने को मिलती होगी. लेकिन एक समय था जब हर कोई मारुति की जिप्सी कार का  दीवाना था. मारुति की इस कार का प्रॉडक्शन अब बंद हो गया है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जबरदस्त पॉपुलर यह जिप्सी भारतीय सेना की पहली पसंद थी. ऐसा कहा जाता है कि कंपनी ने 31 हजार से ज्यादा मारुति सेना को दी थी. तो चलिए हम आपको बताते हैं आखिर यह कार सेना की पहली पसंद क्यों थी.

भारतीय सेना ने जिप्सी के सॉफ्ट टॉप वर्जन का यूज सबसे ज्यादा किया है. सेना ने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि इस वर्जन का वजन सिर्फ 985 किलोग्राम था. वजन कम होने के चलते यह कार आसानी से मुश्किल रास्तों पर भी दौड़ती थी.

बता दें कि इस कार का हार्ड टॉप वर्जन 1020 किलोग्राम आता था. हालांकि सेना सिर्फ इस कार का सॉफ्ट टॉप वर्जन ही यूज करती थी. सेना द्वारा सॉफ्ट टॉप वर्जन यूज करने के पीछे एक नहीं बल्कि कई वजह थीं. इनमें से पहली तो यह थी कि यह कार हेलिकॉप्टर या एयरक्राफ्ट की मदद से आसानी से ऊंचाई वाली जगहों पर पहुंचाई जा सकती थी.

इस कार का इस्तेमाल सेनिक एक जगह से दूसरी जगह अपना राशन का सामान लाने ले-जाने के लिए आसानी से कर सकते थे. खास बात तो यह भी थी कि यह कार बर्फीले और कीचड़ वाले रास्तों में भी आसानी से चलती थी. इसके अलावा जिप्सी खुद के वजन से आधे भार ढोने की क्षमता रखती थी.

बता दें कि इसमें 16-वॉल्व MPFI G13BB पेट्रोल इंजन दिया गया था. यह इंजन 80 Bhp का पावर और 103 Nm टॉर्क जनरेट करने की क्षमता रखता था. इस कार की सबसे अच्छी खासियत यह भी थी कि यह काफी कम टेंपरेचर में भी काम करती थी. इन्हीं वजहों से भारतीय सेना की पहली पसंद जिप्सी थी.

Published by Lakhan Sen on 25 Mar 2019

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