ऑनलाइन सामान के साथ ही अब वेबसाइट की मदद से आप कर सकते हैं पंडित भी बुक, मिलेगी पूरी सर्विस

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हम लोग ऐसी संस्कृति में पल कर बढ़े हुए हैं जिसमें आए दिन घर पर पूजा-पाठ होते ही रहते हैं. जिसके लिए आए दिन हम हमारे घर में पूजा के लिए पंडित जी को आते देखते ही हैं. लेकिन बिजी शेड्यूल की वजह से आज कल के लोग सिर्फ किसी खास मौके पर ही अपने घर पर पूजा-पाठ आदि करवा पाते हैं. कई बार को पूजा के लिए सामान और पंडित ढूंढ़ पाना भी बहुत मुश्किल हो जाता है. लेकिन अब इस समस्या का भी समाधान हो चुका है.

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जी हां, पूजा के लिए सामग्री और पंडित को ढूंढ़ने के लिए अब आपको कहीं बाहर नहीं जाना पड़ेगा बल्कि आप अपने फोन से ही यह काम कर सकते हैं. बता दें इस समस्या का समाधान निकाला है दिल्ली के उद्यमी अमित जैन ने. जिन्होंने साल 2017 में  मंगलभवन.इन (Mangalbhavan.in) नाम की वेबसाइट लॉन्च की है. जिससे लिए उन्होंने भारत के किसी भी मंदिर में पूजा हवन करवाने के लिए और इसके आयोजन के लिए वेदाचार्य सदाशिव अमेता के साथ पार्टनरशिप की है. यह वेबसाइट पूजा के लिए जरूरी सामान, पूजा किट और व्यक्तिगत उत्पाद की फैसिलिटी भी देता है. इन उत्पादों को रिटेलर्स की मदद से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों की तरह से ख़रीदा जा सकता है.

मंगलभवन के फाउंडर अमित जैन का कहना है कि, ‘हम युवाओं को पूजा और अन्य समारोहों के पीछे आध्यात्मिक और धार्मिक नींव के बारे में बताना और शिक्षित करना चाहते थे. कई बार, नई पीढ़ी महसूस करती है कि पूजा व्यवस्था अंधविश्वास और जटिल है लेकिन हम इस प्रक्रिया को आसान बनाना चाहते हैं और आधुनिक तरीके से पूजन की व्यवस्था करना चाहते हैं.’ इस वेबसाइट में कई पंडित नामांकित हैं. यही नहीं यह वेबसाइट लास्ट मिनट में भी पंडित उपलब्ध करवाती है. मंगलभवन वेबसाइट पर होने वाली बुकिंग ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन या कॉल पर भी हो सकती है. जैन का कहना है कि, ‘हमारी पंडित बुकिंग सेवा हेल्पफुल है क्योंकि कई मामलों में, अन्य पंडित जो नियमित रूप से ये काम करते हैं, वे किसी कारण से अनुपलब्ध भी हो सकते हैं. हम ऐसे मामलों के लिए ‘अंतिम मिनट पंडित सेवा’ प्रदान करते हैं. जिसका मतलब है कि पूजा जारी रहनी चाहिए भले ही आपके पिछले पंडित ने मना कर दिया हो.’

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इन सबके अलावा मंगलभवन के पास इन-हाउस पंडित हैं. अमित कहते हैं, ‘हम कोई एग्रीगेटर नहीं हैं, लेकिन हमने पंडितों को कई तरीकों से नामांकित किया है. उदाहरण के लिए, हम उनमें से कुछ को हमारे साथ नामांकित होने के लिए एक निश्चित राशि का भुगतान करते हैं. ताकि जब ग्राहकों से हमें अंतिम मिनट में रिक्वेस्ट मिले तो वे जरूरत पड़ने पर उपलब्ध हो सकें. सभी भाषाओं और क्षेत्रों में हम ‘लास्ट मिनट में पंडित’ उपलब्ध कराते हैं. हमारी इस उपलब्धता को हमारे अधिकांश उपयोगकर्ताओं द्वारा सराहा गया है. हमारे पंडित उन्हें प्रत्येक प्रक्रिया को विस्तार से समझने में मदद करते हैं, और वे पूजा के ज्ञान को बढ़ाते हैं.’

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मंगलभवन वेबसाइट के लिए संस्थापकों ने अब तक इसमें लगभग 50 लाख रुपए  का इन्वेस्टमेंट किया है. जैन के अनुसार उनका फाइनेंस उनके रिटेलर्स और ग्राहकों से प्राप्त खरीद आदेशों पर निर्भर करता है. आगे वे बताते हैं, ‘जब हम बिग बाजार, या किसी अन्य रिटेल चेन के साथ साझेदारी करते हैं, तो उनके खरीद ऑर्डर लगभग 15 से 20 लाख रुपये होंगे. इसलिए, हमें ऑर्डर को पूरा करने के लिए सभी सामग्री और उत्पादों को स्रोत करने के लिए पहले व्यापार में निवेश करने की आवश्यकता है. यही कारण है कि कंपनी में हमारा निवेश जारी है.’

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अपनी कमाई के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘खरीद ऑर्डर के आधार पर, हम प्रति माह लगभग 10 लाख रुपये कमाते हैं. हमारे संस्थापकों के बीच एक प्रभावी संयोजन है जहां हमारी स्किल्स एक दूसरे के पूरक हैं। मैं सभी व्यावसायिक विकास और उत्पाद वितरण को संभालता हूं, और वेदाचार्य होने के नाते सदाशिव, उत्पाद/सेवा की गुणवत्ता और खरीद को संभालते हैं.’ इस काम के लिए जैन को मुसीबतों का सामना भी करना पड़ा है. वे बताते हैं कि, ‘सभी प्रकार की पूजाओं के लिए पंडित उपलब्ध करने के दौरान, हमने महसूस किया कि पूजा के लिए, समाग्री समान रूप से महत्वपूर्ण हैं. कई दुकानें ऐसे प्रामाणिक आइटम प्रदान नहीं करते हैं जो शास्त्र के अनुसार उपयोग किए जाते हैं. इस प्रकार, हमने इस अवसर को लिया और उत्पादों में उद्यम करना तय किया.’

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अपने इस बिज़नेस और किसी भी तरह की असुविधा से निपटने के लिए जैन ने एक ऐप भी लॉन्च किया है.

Published by Chanchala Verma on 26 Apr 2019

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