कई फिल्मों में मां का किरदार निभा चुकीं अरुणा ने लिया था शादी के बाद मां नहीं बनने का फैसला

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फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे एक्टर्स हुए हैं जो कि भले ही लीड रोल में नजर ना आए हों लेकिन इसके बावजूद वह फिल्मों में हमेशा से ही अहम किरदार निभाते आए हैं. यहां हम ऐसी ही एक एक्ट्रेस की बात कर रहे हैं जिनका नाम फिल्म इंडस्ट्री में बड़े ही सम्मान के साथ लिया जाता है. जी हां, हम बात कर रहे हैं एक्ट्रेस अरुणा ईरानी की. आज इस आर्टिकल में हम आपको अरुणा ईरानी से जुड़ी खास बातें बताने जा रहे हैं.

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अरुणा ने अपने फ़िल्मी करियर में कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया है. अपने करियर में अरुणा ने करीबन 300 फिल्मों में काम किया है. हिंदी फिल्मों के साथ ही अरुणा ने कन्नड़, मराठी और गुजराती फिल्मों में भी अभिनय किया है. अरुणा को आखिरी बार साल 2010 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘खट्टा मीठा ‘ में देखा गया था.

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साल 1961 में आई फिल्म ‘गंगा जमुना’ से अरुणा ने बॉलीवुड डेब्यू किया था. इसके बाद उन्होंने साल 1962 में आई फिल्म ‘अनपढ़’ में माला सिन्हा के बचपन का किरदार निभाया था. जिसके बाद से अरुणा को कई फिल्मों में छोटे-छोटे किरदार निभाते हुए देखा गया. जिनमें ‘फर्ज’, ‘आया सावन झूम के’ और ‘उपकार’ जैसी फिल्में शामिल हैं.साल 1984 में आई फिल्म ‘पेट प्यार और पाप’ के लिए अरुणा को फिल्मफेयर का बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस अवॉर्ड भी मिला था.

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अरुणा के करियर में 80 से 90 के दशक का समय ऐसा आया जब अरुणा को ज्यादातर मां के किरदार भी मिले. उन्हें ‘बेटा’ फिल्म में निभाए मां के किरदार के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड दिया गया था. इस रोल को दर्शकों द्वारा खूब पसंद भी किया गया.

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अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ ही अरुणा अपनी पर्सनल लाइफ को भी लेकर चर्चा में आ चुकी हैं. अरुणा का नाम कॉमेडियन महमूद के साथ जुड़ चुका है. यही नहीं एक इंटरव्यू के दौरान अरुणा अपने और महमूद के रिश्ते का भी खुलासा कर चुकी हैं.

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एक इंटरव्यू के दौरान अरुणा ने कहा था- ‘हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे. यही नहीं दोस्त से भी ज्यादा अच्छे थे, शायद. इसे आप आकर्षण, दोस्ती या कुछ और भी कह सकते हैं लेकिन हमने कभी शादी नहीं की. हम कभी प्यार में नहीं थे. अगर होते तो इस रिश्ते को हम जरूर आगे बढ़ाते. प्यार कभी खत्म नहीं होता वो तो हमेशा रहता है. मैं अपने बीते हुए कल को भूल चुकी हूं.’

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अपनी शादीशुदा जिंदगी के बारे में बात करते हुए अरुणा ने क – ‘मैं 40 साल की थी जब कुकूजी (संदेश कोहली) से मुलाकात हुई. वह मेरी फिल्म के डायरेक्टर थे. मैं किसी और के साथ सेटिल होने का सोच रही थी लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं होने दिया. सच कहूं तो मैं भी भावनात्मक तौर पर उनसे जुड़ चुकी थी.’ यह भी बता दें कि कुकूजी पहले से पहले शादीशुदा हैं और उनके बच्चे भी हैं. साल 1960 में अरुणा और कुकूजी ने शादी की और शादी के बाद अरुणा ने मां नहीं बनने का फैसला भी लिया.

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अरुणा ने एक इंटरव्यू में कहा था- ‘जब मैं अपने भतीजे और भतीजी को देखती हूं तो यही सोचती हूं कि अच्छा है कि मेरे बच्चे नहीं हैं. अगर कोई मेहमान मेरे घर में आता और बच्चे उनका वेलकम नहीं करते और सोफे पर उथल पुथल मचाते रहते जैसा कि आजकल के बच्चे करते हैं तो मैं परेशान होती. मेरे दोस्त डॉक्टर अजय कोठारी ने मानसिक तौर पर मुझे इसके लिए तैयार किया.’

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आगे अरुणा ने कहा- ‘उन्होंने मुझे समझाया था कि बच्चों और तुम्हारे बीच उम्र और जनरेशन का जो फासला होगा उसे संभालने में दिक्कत होगी. वह सही थे. अरुणा के बारे में यह बात आपको बता दें कि अरुणा ईरानी के पति कुकू कोहली ने ही अजय देवगन को फिल्म ‘फूल और कांटे’ से ब्रेक दिया था.

Published by Chanchala Verma on 04 May 2019

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