सुनील दत्त ने बचाई थी नरगिस की जान, बनी थीं राज्यसभा में जाने वाली पहली अभिनेत्री

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भारतीय सिनेमा की मशहूर अदाकारा नरगिस दत्त का जन्म 1 जून 1929 को हुआ था. नरगिस ने साल 1935 फिल्म तलाश-ए-हक से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. नरगिस की जिंदगी में तमाम उतार-चढ़ाव आए. नरगिस ने अपने अभिनय से सबको प्रभावित किया था. इतना ही नहीं वह पहली अभिनेत्री थीं जिन्हें राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया गया था और पद्मश्री पुरस्कार भी दिया गया था.

मशहूर अभिनेत्री नरगिस के बचपन का नाम फातिमा राशिद था. मां के सहयोग से ही नरगिस फ़िल्मों से जुड़ीं और उनके करियर की शुरुआत हुई. फिल्म तलाश-ए-हक से उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम किया था. उस समय उनकी उम्र महज 6 साल की थी. इस फिल्म के बाद वह बेबी नरगिस के नाम से मशहूर हो गई थीं. नरगिस के अभिनय का जादू कुछ ऐसा था कि साल 1968 में जब बेस्ट एक्ट्रेस के लिए पहले फिल्मफेयर अवॉर्ड देने की बारी आई तो उन्हें ही चुना गया.

‘मदर इंडिया’ में बुजूर्ग महिला का किरदार निभाने वाली पहली अभिनेत्री नरगिस थीं. इस फिल्म में नरगिस ने 28 साल की उम्र में एक बुजूर्ग महिला का किरदार निभाया था. नरगिस की इस फिल्म को 1958 में ऑस्कर के लिए भी नॉमिनेट किया गया था. चार दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली इस अभिनेत्री की हसरत डॉक्टर बनने की थी.

बता दें ‘मदर इंडिया’ की शूटिंग के दौरान सेट पर आग लग गई थी. इस फिल्म में नरगिस के साथ सुनील दत्त भी थे. सुनील दत्त ने अपनी जान पर खेलकर नरगिस को बचाया था और यहीं से दोनों के प्यार की शुरुआत भी हुई थी. दोनों करीब आने लगे. दोनों एक-दूसरे को खत लिखकर अपने प्यार का इजहार करने लगे. जिसके बाद दोनों ने शादी भी की. उनके तीन बच्चे संजय, प्रिया और नमृता दत्त हैं.

बता दें नरगिस और सुनील ने 1957 में आई फिल्म ‘मदर इंडिया’ में मां-बेटे का रोल किया था. बाद में असल जिंदगी में वह पति-पत्नी बने. खास बात यह है कि नरगिस सुनील को मदर इंडिया में उनके ऑनस्क्रीन नाम बिरजू से ही पुकारती थीं.

Published by Yash Sharma on 01 Jun 2019

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