एक्टिंग से लेकर राजनीति तक हर जगह हिट रहे हैं सुनील दत्त, कभी बस डिपो में भी करना पड़ा था काम

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बॉलीवुड के मशहूर कलाकार और संजय दत्त के पिता सुनील दत्त का आज जन्मदिन है. बात दें कि पूरा बॉलीवुड जिन्हें सुनील दत्त के नाम से जानता है उनका असली नाम बलराज दत्त था. इतना ही नहीं बॉलीवुड के साथ ही वह भारतीय राजनीति में भी काफी सक्रिय रहे हैं. साल 1984 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर मुंबई उत्तर पश्चिम लोक सभा सीट से चुनाव जीत कर सुनील दत्त सांसद बने थे. सुनील इसी क्षेत्र से लगातार 5 बार चुनाव जीते थे.

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Sunil Dutt 🎂 “I remember when I visited my village (in Pakistan) again after 50 years. I was invited by then prime minister Nawaz Sharief. He was very kind when I told him my desire to visit my village. He made all the arrangements for my visit. My village is called Khurd. It is about 14 miles from Jhelum city, which is on the banks of the Jhelum river. I have always felt that the people of Pakistan are as affectionate and caring as our own people. You will be surprised (if I told you that) when I went to my village, the entire village gathered to welcome me. I thought they were doing this because I am an actor and they know me. But it was because they genuinely felt that I belonged there, and that I was coming back for a visit. The village youth gave me a huge welcome with banners, saying, 'Sunil Dutt, welcome to Khurd!' I got a big reception there. All those who studied with me came to meet me. (I met) women who were then 10 years old, (and)were now 60 or 65. My brother's nickname is Soma. They asked about him, my sister Rani and my mother Kulwanti. They remembered all their names. Imagine, after 50 years! It would be understandable if they did that to me — am an actor. But my family has not been in the public eye. For me, it was a really emotional moment. I told them my mother had passed away.” – Sunil Dutt, 2005. Caption courtesy Rediff and image courtesy Osianama. . . Dutt Saab seen here in the 1964 film, Beti Bete. @duttsanjay @pdr66 @namrata62 #sunildutt #birthdayboy #nargisdutt #sanjaydutt #rawalpindi #bollywood #classicfilms #hindifilms #oldhindimovies #retrobollywood #taiyebbadshah #taiyebbadshahphotography #retrobirthdaypost #betibete

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भारत सरकार ने 1968 में उन्हें पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया था. 6 जून 1928 को झेलम जिले के खुर्दी गांव में जन्में सुनील दत्त इंडस्ट्री में एंट्री हीरो के नाम से लोकप्रिय हैं. भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद वह अपने परिवार के साथ हरियाणा पहुंचे थे. फिर उन्होंने लखनऊ की ओर रुख किया और इसके बाद उनका परिवार मुंबई आ गया.

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| Family is most important ❤️

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यही नहीं इसके साथ ही वह बस डिपो में भी काम किया करते थे. उनका समय दोपहर 2 बजे से रात को 11 बजे तक का होता था. यहां उन्हें चेकिंग क्लर्क का काम दिया गया था. इसके लिए उन्हें 100 रूपए महीना सैलरी मिलती थी. कॉलेज से निकलने के बाद सुनील दत्त रेडियो की दुनिया में पहुंच गए. रेडियो सीलोन में उन्होंने बतौर रेडियो एनाउंसर का काम किया और यहीं से फिल्मी कलाकारों के इंटरव्यू लेते हुए फिल्मी दुनिया के दरवाजे तक पहुंच गए.

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कहते हैं उन दिनों कई लोग उन्हें देखकर कहा करते थे इतने सुन्दर, लंबे, इंसान हो तुम फ़िल्मों में हाथ क्यों नहीं आजमाते हो. जिसके बाद सुनील दत्त ने फिल्म इंडस्ट्री में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करवा ही दिया. सुनील दत्त की कई बेहतरीन फिल्में हैं जो दर्शकों के जहन में आज भी ताजा है. जिनमें साधना (1958), सुजाता (1959), मुझे जीने दो (1963), गुमराह (1963), वक़्त (1965), खानदान (1965), पड़ोसन (1967) और हमराज़ (1967) जैसी फिल्में शामिल हैं.

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#sunildutt Birthday #RIP

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सुनील दत्त और नरगिस से जुड़ा एक किस्सा यह भी है कि जब भी सुनील बाहर जाते थे तो नरगिस के लिए साड़ियां जरूर लाते थे. पर नरगिस ने सुनील की दी हुई एक भी साड़ी नहीं पहनी क्योंकि सुनील की लाई हुई साड़ी उन्हें जंचती नहीं थी. सुनील दत्त ने अपने छह दशक के लंबे फ़िल्मी करियर में 50 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है. सुनील दत्त ने 1964 में एक फिल्म ‘यादें’ बनाई. इस फिल्म का नाम सबसे कम कलाकार वाली फिल्म के रूप में गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है. फिल्म में सुनील दत्त के अलावा नरगिस दत्त ही बतौर लीड एक्ट्रेस नजर आई थीं.

बता दें कि सुनील दत्त की आखिरी फिल्म ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ थी. इस फिल्म के माध्यम से पहली बार सुनील दत्त और संजय दत्त एक साथ पर्दे पर दिखे थे. हालांकि, फिल्म ‘क्षत्रिय’ और ‘रॉकी’ में भी दोनों ने साथ काम किया था. लेकिन इन फिल्मों में दोनों का साथ में कोई सीन नहीं था.

Published by Yash Sharma on 06 Jun 2019

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