धोनी के ग्लव्स पर कायम रहेगा इंडियन पैरा स्पेशल फोर्स का चिन्ह, देशभर से मिला धोनी को समर्थन

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दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विकेटकीपिंग करते वक्त टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह ​​धोनी के दस्तानों पर इंडियन पैरा स्पेशल फोर्स का चिन्ह अंकित दिखा. इसे लेकर धोनी की सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हो रही है. लेकिन आईसीसी ने बीसीसीआई के सामने आपत्ति जाहिर की थी.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने बीसीसीआई से अपील करते हुए कहा था कि वह विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी से उनके ग्लव्स पर बने सेना के चिन्ह को हटाने को कहे. जबकि बीसीसीआई ने मामले में धोनी का समर्थन किया है. बता दें कि आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में धोनी ने अनोखे अंदाज में पैरा स्पेशल फोसेर्ज को सम्मान दिया. मैच के दौरान धौनी के ग्लव्स पर ‘बलिदान बैज’ का चिन्ह दिखाई दिया.

हालांकि मामले में कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स के प्रमुख विनोद राय का बयान सामने आ चुका है. और उन्होंने कहा है कि, हम अपने खिलाड़ियों के साथ खड़े हैं. धोनी के दस्ताने पर जो निशान है, वह किसी धर्म का प्रतीक नहीं है और न ही यह कामर्शियल है. इसके साथ ही उन्होंने आईसीसी को लिखित में देते हुए कहा है कि धोनी को इन दस्तानों का इस्तेमाल करने की मंजूरी दे.

आईसीसी के महाप्रबंधक, रणनीति समन्वय, क्लेयर फरलोंग ने कहा, ‘हमने बीसीसीआई से इस चिन्ह को हटवाने की अपील की है.’ इस बीच झारखंड सरकार ग्लव्स मुद्दे पर धोनी के साथ आ खड़ी हुई है. झारखंड सरकार का मानना है कि धोनी के ग्लव्स पर सेना का बैज होने में कुछ गलत नहीं है. झारखंड सरकार ने मांग की है कि बीसीसीआई को धोनी का साथ देना चाहिए.

धोनी के दस्तानों पर ‘बलिदान ब्रिगेड’ का चिन्ह है. सिर्फ पैरामिलिट्री कमांडो को ही यह चिन्ह धारण करने का अधिकार है. पैराशूट रेजिमेंट के विशेष बलों के पास उनके अलग बैज होते हैं, जिन्हें ‘बलिदान’ के रूप में जाना जाता है. इस बैज में ‘बलिदान’ शब्द को देवनागरी लिपि में लिखा गया है. यह बैज चांदी की धातु से बना होता है, जिसमें ऊपर की तरफ लाल प्लास्टिक का आयत होता है.

यह बैज केवल पैरा-कमांडो द्वारा पहना जाता है. बता दें भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों के कारण 2011 में प्रादेशिक सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक दी गई थी. धोनी यह सम्मान पाने वाले कपिल देव के बाद दूसरे भारतीय क्रिकेटर हैं.

धोनी को मानद कमीशन दिया गया क्योंकि वह एक युवा आइकन हैं और वह युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं. धोनी एक प्रशिक्षित पैराट्रूपर हैं. उन्होंने पैरा बेसिक कोर्स किया है और पैराट्रूपर विंग्स पहनते हैं.

इसके अलावा हाल ही में ‘बलिदान बैज’ को लेकर पूर्व सेनाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह भी धोनी का समर्थन करते हुए नजर आए हैं. उनका कहना है कि इस चिन्ह के होने से सुरक्षाबलों के प्रति कैप्टन कूल का आदर और प्रेम सामने आता है. इसके साथ ही खेल मंत्री किरण रिजिजू ने भी मामले को जल्द से जल्द खत्म करने की बात कही है.

Published by Yash Sharma on 07 Jun 2019

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