जानिए युवराज सिंह से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिन्हें देख हर भारतीय को होता है उनपर गर्व

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भारत को 2011 का वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया. युवराज ने 2011 के वर्ल्ड कप में 9 मैच में 90.50 के औसत से 362 रन और 15 विकेट लिए थे. वह उस वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुने गए थे. 2011 वर्ल्ड कप के दौरान युवराज गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे.

हालांकि उन्होंने किसी को इस बात का पता नहीं चलने दिया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल से पहले डॉक्टरों ने उनको नहीं खेलने की सलाह दी थी, लेकिन वह ना सिर्फ मैदान में उतरे बल्कि भारत की जीत के हीरो भी रहे. उन्होंने उस मैच में 57 रन की पारी खेली थी. युवराज ने 40 टेस्ट की 62 पारियों में 33.92 के औसत से 1900 रन बनाए हैं. उन्होंने 304 वनडे की 278 पारियों में 36.55 के औसत से 8701 रन बनाए.

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Cricket has given me everything I have and is the reason why I stand here today. It was such a love-hate relationship with the sport. In retrospect, I don’t think I hated this game because the love I have for it today which will remain constant until the end of life. I can’t really explain it in words what is that feeling, this game taught me how to fight, how to fall, to dust myself off, to get up again and move forward. I have failed more times than I have succeeded but I never gave up and will never give up till my last breath, and that’s what cricket taught me. I gave my blood and sweat to the game, once I got into it, especially when it came to represent my country. And to my true fans who have always supported me endlessly, I can’t thank you enough specially when the times were tough. I never stopped believing in myself, no matter what the world said. Believe in yourself because if you put your heart & soul into it you can achieve the impossible. The adrenaline rush for playing for India, singing the national anthem before each game, touching the Indian flag, stopping every run for the team or scoring every run for the team was a completely different high. Thank You once again for this lovely journey See you on the other side. #SteppingOut Production Credit @endemolshineind

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युवराज ने 58 टी-20 इंटरनेशनल भी खेले. इसमें 28.02 के औसत से 1177 रन बनाए. उन्होंने टेस्ट में 9, वनडे में 111 और टी-20 इंटरनेशनल में 28 विकेट भी लिए हैं. अपनी इस रिटायरमेंट का ऐलान युवराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया. इस मौके पर उन्होंने बताया, ‘बचपन से मैंने अपने पिता का देश के लिए खेलने का सपना पूरा करने की कोशिश की.’

उन्होंने यहां अपने क्रिकेट करियर को याद करते हुए कहा, ‘अपने 25 साल के करियर और खास तौर पर 17 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे. अब मैंने आगे बढ़ने का फैसला ले लिया है. इस खेल ने मुझे सिखाया कि कैसे लड़ना है, गिरना है, फिर उठना है और आगे बढ़ जाना है.’

युवराज ने बताया कि आईपीएल के दौरान वह सचिन से रिटायरमेंट पर बात कर रहे थे. युवी बोले, ‘सचिन ने मुझसे कहा था कि तुम्हें तय करना है कि कब अपना करियर खत्म करना है, तुमसे बेहतर कोई भी यह फैसला नहीं ले सकता.’  युवराज के संन्यास की घोषणा के बाद उनकी पत्नी हेजल कीच ने युवराज की प्रेस कांफ्रेंस का एक फोटो शेयर करते हुए लिखा, ‘और, इस तरह, एक युग का अंत हुआ, अपने आप पर गर्व कीजिए हसबैंड और नए सफर की शुरुआत कीजिए,लव यू.’

Published by Yash Sharma on 11 Jun 2019

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