2015 से प्रतिवर्ष विश्वभर में मना रहे योग दिवस, इस साल की थीम रही ‘पर्यावरण के लिए योग’

Get Daily Updates In Email

पिछले पांच साल से प्रति वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. फिट रहने के लिए प्राचीन भारतीय योग को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को 21 जून से प्रतिवर्ष अंतराष्ट्रीय योग दिवस या विश्व योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की. इसके बाद 2015 से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनिया भर में मनाया जाता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए योग के महत्व पर चर्चा की थी. पीएम नरेंद्र मोदी ने इसका सुझाव दिया था. यूएन में भारत के तत्कालीन राजदूत अशोक मुखर्जी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव पेश किया था. को-स्पॉन्सर के तौर पर 177 देश शामिल हुए थे. जो अब तक किसी भी महासभा के प्रस्ताव के लिए सबसे अधिक संख्या है.

योग को ‘ग्लोबल हेल्थ एंड फॉरेन पॉलिसी’ के एजेंडे के तहत अपनाया गया. यूएन प्रस्ताव 69/131 ने माना कि योग स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है. इसकी जानकारी के लिए व्यापक प्रसार से दुनिया के लोगों को स्वास्थ्य रहने में लाभ होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को अपने संबोधन के दौरान कहा कि यही वो तिथि है जब उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन है, इसका दुनिया के कई हिस्सों में खास महत्व है.

साल 2015 से चले आ रहे इस दिवस की पहली थीम सद्भाव और शांति के लिए योग थी. वहीं दूसरी बार साल 2016 में युवाओं को कनेक्ट करें इस तर्ज पर योग की थीम रखी गई थी. इसी तरह इस साल भी पर्यावरण के लिए योग को इस साल की थीम बनाया गया है. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2019 के लिए थीम क्लाइमेट एक्शन है. यह संयुक्त राष्ट्र में गुरुवार को ‘गुरुओं के साथ योग’ पर एक पैनल में चर्चा के बाद 21 जून को सेलिब्रेट किया जाएगा.

यूएन ने यह स्वीकार करते हुए कहा कि योग की लोकप्रियता दुनिया भर में बढ़ रही है. योग एक प्राचीन शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है जिसकी उत्पत्ति भारत में हुई थी. शब्द ‘योग’ संस्कृत से निकला है और इसका मतबल जोड़ना और युनाइट होना होता है.

Published by Yash Sharma on 21 Jun 2019

Related Articles

Latest Articles