सुषमा ट्विटर पर भी मदद के लिए रहती थीं सक्रिय, इसके चलते लोग उन्हें कहते थे ‘ट्विटर मंत्री’

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भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज मंगलवार की रात को 67 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह गईं. सुषमा विदेश मंत्री रहते लोगों की समस्याओं से काफी हद तक जुड़ी रहीं. वह एक ट्वीट मात्र से लोगों की समस्याएं सुलझा देती थीं. इन समस्याओं को धैर्य से सुनने और उन्हें हल करने के कारण वह काफी लोकप्रिय हो गई थीं. वह खास से आम सभी को फौरन जवाब देती थीं. कई बार लोगों को इस पर यकीन ही नहीं होता था.

बतौर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सोशल मीडिया पर भी लोगों की मदद को इतना सक्रिय रहती थीं कि उन्हें ‘ट्विटर मंत्री’ तक कहा जाने लगा. उनकी सोशल मीडिया डिप्लोमेसी की काफी चर्चा रही है. सुषमा स्वराज कहती थीं कि अगर आप मंगल ग्रह पर भी फंस गए हैं तो इंडियन इम्बैसी आपकी मदद करेगा.

वह सबकी चहेती दीदी बन गईं. भले इराक में फंसी हुई नर्सों को सुरक्षित निकालना हो या कुवैत और दुबई में काम दिलाने के बहाने धोखा खाने वाले मजदूर हों. या पाकिस्तान में फंसी उज्मा को वापस लाना हो. सुषमा ने बिना भेदभाव के सबकी मदद की. इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया. ट्विटर का उनसे बेहतर इस्तेमाल शायद ही किसी ने किया होगा.

वह सिर्फ भारतीयों की नहीं, बल्कि पड़ोसी पाकिस्तान के लोगों की भी निष्पक्ष मदद करती थीं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण साल 2017 के 11 अक्टूबर को सुषमा का ट्वीट है. जब पाकिस्तानी महिला नीलमा गफ्फार के पति ने विदेश मंत्री से इलाज के लिए वीजा मंजूरी का अनुरोध किया था. सुषमा ने तुरंत जवाब दिया, ‘हम भारत में उनके इलाज के लिए वीजा दे रहे हैं.’

सुषमा राजनीति में 25 बरस की उम्र में आईं थीं. उनके राजनीतिक गुरु लालकृष्ण आडवाणी रहे. एक समय भाजपा के पुरोधा अटल-आडवाणी की जोड़ी का भरपूर स्नेह मिला तो मौजूदा दौर में मोदी-शाह की जोड़ी के भी बेहद करीब रहीं. संसद से लेकर सड़क तक उनकी गिनती भाजपा के डी (दिल्ली)-फोर में होती थी. उनके अलावा बाकी तीन प्रमोद महाजन, अरुण जेटली और वेंकैया नायडू थे. 2009 से 2014 तक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनका कार्यकाल सर्वश्रेष्ठ था.

Published by Yash Sharma on 07 Aug 2019

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