क्रिकेट में इस्तेमाल की जाएगी स्मार्टचिप वाली बॉल, पिच के साथ DRS सिस्टम में भी मिलेगी मदद

Get Daily Updates In Email

क्रिकेट में लाल गेंद, सफेद गेंद, गुलाबी गेंद के बाद अब चिप वाली गेंद आ रही है. इंटरनेशनल मैचों के लिए गेंद बनाने वाली ऑस्ट्रेलियाई कंपनी कूकाबुरा ने गेंद के अंदर चिप फिट करने की टेक्नोलॉजी ईजाद की है. एक बार यह चिप लगाकर गेंद की सिलाई कर दी गई, तो गेंद पूरी तरह फटने तक चिप ना तो बाहर निकलेगी, ना ही डैमेज होगी. फायदा यह होगा कि चिप वाली गेंद से गेंदबाजी और बल्लेबाजी का रियल टाइम डेटा मिल सकेगा.

गेंद भी तकनीक से जुड़ती नजर आ रही है. खबरों की माने तो सेंसर वाले बल्ले के बाद अब क्रिकेट को माइक्रोचिप वाली गेंद मिलने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बॉल को पहली बार ऑस्ट्रेलिया की मशहूर बिग बैश लीग में इस्तेमाल किया जाएगा. गेंद का निर्माण करने वाली ऑस्ट्रेलियाई कंपनी कूकाबुरा इसे अमली जामा पहनने के लिए तैयार भी हो चुकी है. कई खूबियों की वजह से इस गेंद को ‘स्मार्टबॉल’ कहा जा रहा है.

रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि गेंद एक ट्रैकर से लैस होती है, जो डिलीवरी करते ही डेटा प्रदान करती है. जिसमें रिलीज पॉइंट पर स्पीड मैट्रिक्स, प्री-बाउंस और पोस्ट-बाउंस शामिल हैं. इस गेंद के आने के बाद अंपायर्स को डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) में मदद मिलेगी. इस गेंद के आने से संदिग्ध परिस्थितियों या बैट-पैड के उदाहरणों में गेंद के प्रभाव बिंदुओं को निर्धारित किया जा सकेगा. जिससे स्पिन गेंदबाजी के दौरान डिसीजन लेने में मदद मिलेगी और फैसला भी सटीक होगा.

साथ ही इस गेंद में कई ऐसी चीजे हैं जो खेल को नई ऊचाइयों पर ले जाएंगी. इस गेंद का इस्तेमाल सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया की घरेलू टी-20 बिग बैश में किया जाएगा. इसके बाद वर्ल्ड लेवल पर इसे प्रस्तुत किया जाएगा. माना जा रहा है कि यह टी-20 लीग में काफी प्रभावी साबित होगी. स्मार्ट बॉल यानी चिप वाली गेंद बनाने के लिए गेंद की सिलाई से पहले ही इसके अंदर मूवमेंट सेंसर लगा दिया जाता है. ऊपर से सिलाई हो जाती है. सेंसर को एक रबर फ्रेम के अंदर रखा जाता है, ताकि इसका गेंद के वजन, स्विंग, बाउंस वगैरह पर असर ना पड़े.

Published by Yash Sharma on 13 Aug 2019

Related Articles

Latest Articles