भारत के 5 प्रसिद्ध भगवान गणपति के मंदिर, जिनके दर्शन मात्र से होती है हर मनोकामना पूरी

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हर साल ही तरह ही इस साल भी गणेश उत्सव की धूम पहले से ही बाजारों में देखने को मिलने लगी थी. आज गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे देश में मनाया जा रहा है. आज के दिन को गणेश जन्म उत्सव के रूप में मनाया जाता है. ऐसे में आज हम आपको बप्पा के विश्व प्रसिद्ध पांच मंदिरों के बारे में बताएंगे. जहां जाने से भगवान अपने भक्तों की सारी परेशानियां दूर कर देते हैं.

1. श्री सिद्धिविनायक मंदिर –

गणपति के प्रसिद्ध मंदिरों में इस मंदिर का नाम सबसे पहले आता है. यह मंदिर मुंबई में स्थित है. कहा जाता है कि इस मंदिर को एक नि:संतान महिला ने बनवाया था. इस मंदिर में माथा टेकने बड़े-बड़े बॉलीवुड सेलिब्रिटी भी आते हैं.

2. श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई मंदिर –

गणपति बप्पा का यह मंदिर पुणे में बना हुआ है. श्री सिद्धिविनायक मंदिर के बाद भक्तों की आस्था इस मंदिर में बहुत है. इस मंदिर के ट्रस्ट को देश के सबसे अमीर ट्रस्ट का खिताब हासिल है. कहा जाता है कि कई साल पहले श्रीमंत दगडूशेठ और उनकी पत्नी लक्ष्मीबाई ने अपना इकलौता बेटा प्लेग में खो दिया था. जिसके बाद दोनों ने इस गणेश मूर्ति की स्थापना यहां करवाई थी.

3. कनिपकम विनायक मंदिर, चित्तूर –

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विघ्नहर्ता गणपति का यह मंदिर आंध्रप्रदेश के चित्तूर में है. माना जाता है कि यहां मौजूद गणपति अपने भक्तों के सारे पाप हर लेते हैं. विनायक के इस मंदिर की खासियत यह है कि यह विशाल मंदिर नदी के बीचों बीच बना हुआ है. इस मंदिर की स्थापना 11वीं सदी में चोल राजा कुलोतुंग चोल प्रथम ने की थी. जिसका विस्तार बाद में 1336 में विजयनगर साम्राज्य में किया गया.

4. मनकुला विनायक मंदिर, पुडुचेरी –

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मंदिर का इतिहास पुडुचेरी में फ्रेंच लोगों के आने के साल 1666 से भी पहले का है. शास्त्रों में गणेश के कुल 16 रूपों की चर्चा की गई है. इनमें पुडुचेरी के गणपति जिनका मुख सागर की तरफ है उन्हें भुवनेश्वर गणपति कहा गया है. तमिल में मनल का मतलब बालू और कुलन का मतलब सरोवर से है.

5. मधुर महागणपति मंदिर, केरल –

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मधुर महागणपति का मंदिर केरल में है. कहा जाता है कि शुरुआत में यह भगवान शिव का मंदिर था. लेकिन पुजारी के छोटे से बेटे ने मंदिर की दीवार पर भगवान गणेश की प्रतिमा का निर्माण किया. कहते हैं मंदिर के गर्भगृह की दीवार पर बनाई हुई बच्चे की प्रतिमा धीरे-धीरे अपना आकार बढ़ाने लगी. वह हर दिन बड़ी और मोटी होती गई. उस समय से यह मंदिर भगवान गणेश का बेहद खास मंदिर हो गया.

Published by Yash Sharma on 31 Aug 2019

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