माथे पर बड़ी गोल बिंदी और कांजीवरम साड़ी है उषा की पहचान, नाइट क्लब से की थी गायकी की शुरुआत

Get Daily Updates In Email

भारतीय पॉप संगीत को अलग पहचान देने वाली ऊषा उत्थुप का आज यानि 8 नवंबर को जन्मदिन है. ऊषा इस बार 72वां जन्मदिन मना रही हैं. ऊषा ने पॉप संगीत के अलावा जैज और भारतीय फिल्मों में भी अपनी गायकी से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. कांजीवरम की साड़ी, बड़ी सी गोल बिंदी और बालों में फूल, ऊषा उत्थुप की मानों पहचान ही बन गई है.

ऊषा उत्थुप का जन्म मद्रास में उसी साल हुआ था जिस साल देश आजाद हुआ. 20 साल की उम्र में उत्थुप ने साड़ी पहन कर चेन्नई के माउंट रोड स्थित जेम्स नामक एक छोटे से नाइट क्लब में गाना शुरू किया. नाइट क्लब मालिक को ऊषा की आवाज अच्छी लगी और उन्होंने ऊषा को एक हफ्ते रुकने के लिए कहा. पहली सफलता के बाद ऊषा उत्थुप ने मुंबई के ‘टॉक ऑफ द टाउन’ और कलकत्ता के ‘ट्रिनकस’ जैसे नाइट क्लब में गाना शुरू किया.

ट्रिनकस के बाद ऊषा दिल्ली गई जहां पर उन्होंने ओबेरॉय होटल में गाना गाया. रिपोर्ट के मुताबिक इस होटल में ऊषा उत्थुप की शशि कपूर से मुलाकात हुई. शशि कपूर ऊषा की गायकी से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने ऊषा को फिल्म में गाने का मौका दे दिया. बता दें कि ऊषा इकलौती फीमेल सिंगर हैं जो हमेशा साड़ी में ही नजर आई हैं. ऐसे में कई बार कहा गया है कि ये शायद उनकी कोई मार्केटिंग की स्ट्रैटेजी है कि वह हर गाना साड़ी पहनकर ही करती हैं.

लेकिन एक इंटरव्यू में ऊषा ने इस बात का खुलासा किया कि आखिर वह क्यों साड़ी पहनकर परफॉर्म करती हैं. उन्होंने कहा कि ‘ऐसा कुछ नहीं है कि मैं कोई मार्केटिंग की स्ट्रैटेजी करती हूं. दरअसल, मैं एक मिडिल-क्लास फैमिली से हूं. मेरी मां सिर्फ साड़ी पहना करती थीं जिस वजह मैंने भी साड़ी पहनना शुरु कर दिया क्योंकि मुझे इसके अलावा कोई और ड्रेस पता ही नहीं था.’

‘शालीमार’, ‘शान, वारदात’, ‘प्यारा दुश्मन’, ‘अरमान’, ‘दौड़’, ‘अरमान’, ‘डिस्को डांसर’, ‘भूत’, ‘जॉगर्स पार्क’ और ‘हैट्रिक’ जैसी फिल्मों में गाए गए उनके गीत सराहे गए. विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘सात खून माफ’ में रेखा भारद्वाज के साथ गाए गए गीत ‘डार्लिंग’ से उन्होंने खूब सुर्खिया बटोरीं. ऊषा का प्रियंका चोपड़ा की फिल्म सात खून माफ में गाया गाना डार्लिंग भी काफी चर्चा में रहा.

Published by Yash Sharma on 08 Nov 2019

Related Articles

Latest Articles