छत्तीसगढ़ के मंत्री ने हेमा मालिनी के गालों से की अपने निर्वाचन क्षेत्र की सड़कों की तुलना

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मध्यप्रदेश सरकार में सहकारिता मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने हाल ही में एक चौंकने वाला बयान दिया था. गोविंद सिंह के बाद अब अब छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री कवासी लखमा ने विवादित बयान दिया है. कवासी लखमा अपने बयान के चलते सुर्ख़ियों में बने हुए हैं. विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र कोंटा की सड़कों की तुलना मंत्री कवासी लखमा ने हेमा मालिनी के गालों से कर दी है.

दरअसल मंगलवार को छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री कवासी लखमा धमतरी जिले के कुरूद में पट्टा वितरण के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने अपने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र कोंटा की सड़कों की तुलना हेमा मालिनी के गालों से करते हुए कहा है कि, प्रदेश में मंत्री बने मुझे अभी कुछ ही महीने हुए. नक्सल प्रभावित क्षेत्र से आता हूं, लेकिन मैंने वहां सड़कें बनवाईं. हेमा मालिनी के गालों जैसी. आगे कवासी लखमा ने सड़कों की हालत पर दुख व्यक्त करते हुए रमन सिंह सरकार पर निशाना भी साधा था.

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कवासी लखमा ने कहा, कुरूद की सड़कों की इस हालत के लिए पूर्व विधायक जिम्मेदार हैं. उनकी बेरूखी की वजह से क्षेत्र की सड़क गड्ढ़ों में तब्दील हो गई है. कवासी लखमा के इस बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है. दरअसल कुरूद नगर पंचायत के अध्यक्ष रविकांत चंद्राकर ने इसे कांग्रेस का संस्कार बताया. रविकांत चंद्राकर ने कहा है, कांग्रेस अपने प्रधानमंत्री का अपमान करने में भी नहीं झिझकती हो तो एक महिला सांसद का क्या सम्मान करेगी.

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आगे उन्होंने कहा कि, यह कांग्रेस के संस्कार हैं जो ऐसे बयानों के रूप में सामने आ रहे हैं. अंत में उन्होंने कहा, ‘किसी महिला सांसद के लिए इस तरह की टिप्पणी करना अत्यंत निंदनीय है. इन तरह की बयानबाजी के लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए.’ जानकारी के लिए आपको बता दें कि, लखमा नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. जबकि चंद्राकर वर्तमान में कुरूद क्षेत्र से विधायक हैं.

Published by Lakhan Sen on 13 Nov 2019

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