बच्चों से बेहद प्यार करते थे जवाहर लाल नेहरू, हमेशा अपने जेब में रखते थे लाल गुलाब

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देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का जन्म आज ही के दिन 14 नवंबर 1889 को हुआ था. उनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू था और मां का नाम स्वरूप रानी था. बच्चों से बेहद प्यार करने वाले नेता के रूप में सिर्फ एक ही नाम सबसे पहले लिया जाता है. उनको ‘चाचा नेहरू’ के नाम से सभी जानते हैं. चूंकि उनको बच्चों से बहुत अधिक प्यार था इसलिए उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है. उनका बचपन भी कम खास नहीं था.

जवाहर लाल नेहरू ने हैरो और ट्रिनिटी कॉलेज, कैंब्रिज से पढ़ाई की. उन्होंने इनर टेंपल से अपना बैचलर ऑफ लॉ पूरा किया. वहां उनको प्यार से जोए नेहरू कहा जाता था. जब वह जनवरी 1934 से फरवरी 1935 तक जेल में थे तो अपनी आत्मकथा लिखी जिसका नाम ‘टूवार्ड फ्रीडम’ है. इसे 1936 में अमेरिका में प्रकाशित किया गया था. उन्होंने पश्चिम के विरोध के तौर पर पश्चिमी परिधान पहनना बंद कर दिया. इसकी जगह वह जो जैकेट पहनते थे, उसका नाम नेहरू जैकेट पड़ गया.

वह बच्चों की तुलना गुलाब की कली से करते और अपने जैकेट में गुलाब रखा करते थे. 1950 से 1955 तक कई बार वह नोबेल पीस प्राइज के लिए भी नामित हुए. कुल 11 बार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा उनको नामित किया गया. वह एक असाधारण विद्वान थे. उनके नाम में जो पंडित जुड़ा है, वह इसलिए नहीं कि वह विद्वान थे. दरअसल उनका संबंध कश्मीरी पंडित से था. इसलिए उनके नाम में पंडित लगता है.

स्वतंत्रता के लिए संघर्ष के दौरान, पंडित नेहरू को 9 बार कैद किया गया था. वह 325 दिनों के लिए जेल में रहे ब्रिटिश जेल में उन्होंने अपने जीवन के 9 साल बिताए. हालांकि भारतीय संविधान को डॉ बी.आर. आम्बेडकर द्वारा बनाया गया था लेकिन यह जवाहरलाल नेहरू ही थे जिन्होंने संविधान में अनुच्छेद 44 पेश किया जो कि सिविल कोड का आधार था. जिसके बाद ही भारत को ‘धर्मनिरपेक्ष राज्य’ कहा जाने लगा.

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देश के शिल्पकार प्रथम सेवक प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन #बाल_दिवस पर सभी देश वासियों को बधाई एक योद्धा जो गरीबी,अपृश्यता, बेरोजगारी और साम्प्रदायिकता के खिलाफ लड़ता रहा, भारत माँ को आजाद कराने में अपना सर्वश्रेष्ठ जीवन न्यौछावर किया, आजादी का नायक 3529 दिन देश की जेलों में रहा और देश को विश्वपटल पर सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिये IIT, IIM, ISRO, CSIR, कृषि अनुसंधान परिषद, सहित नवरत्न कम्पनियां BHEL, GAIL, IOCL, ONGC, NBCC आदि स्थापित की ,ऐसे विश्वपुरुष को नमन । #nehrujacket #ptnehru #jawaharlalnehru

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नेहरू वकालत करने के बाद ज्यादा दिन प्रक्टिस नहीं कर सकें क्योंकि वह महात्मा गांधी से काफी प्रभावित हुए और फिर उनके अभियान से जुड़ गए. जवाहर लाल नेहरू का दिमाग शुरू से ही तेज माना जाता था, वो बहुत ही कम उम्र में देश और राजनीति की बातों को समझने लग गए थे.

Published by Yash Sharma on 14 Nov 2019

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