अच्छे रन बनाने के बावजूद गौतम को 2 बार नहीं मिला ‘मैन ऑफ़ द मैच’, धोनी को लेकर की कई बातें

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भारतीय टीम के कप्तान गौतम गंभीर अपने खेल के साथ ही अपने राजनीतिक करियर की वजह से भी चर्चा में आते हैं. जिसके बाद अब गौतम अपने एक इंटरव्यू की वजह से चर्चा में आए हैं जिसमें उन्होंने टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लेकर कुछ ऐसी बातें कही है जिसकी वजह से वह चर्चा में आए हैं.

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में गौतम गंभीर ने कहा कि धोनी के कारण ही वह फाइनल में शतक नहीं बना सके थे. गौरतलब है कि साल 2007 टी20 और इसके बाद साल 2011 में खेले गए वर्ल्ड कप दोनों को मिलाकर गंभीर ने अहम परियां खेली थीं. इसके बाद गंभीर के प्रशंसकों का मानना है कि दोनों ही पारियों में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें इसका श्रेय नहीं मिला. बता दें टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में गंभीर ने 75 रन की पारी खेली थी. लेकिन इसके बावजूद ‘मैन ऑफ द मैच’ इरफान पठान (4-0-16-3) को दिया गया. जबकि 2011 के फिफ्टी-50 विश्व कप में गौतम ने 97 रन बनाए थे. लेकिन धोनी के नाबाद 94 रन बनाने के बाद उन्हें ही ‘मैन ऑफ द मैच’ दिया गया.

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🗣Gautam Gambhir opened about Dhoni incident in 2011 World Cup final: "I remember that after the completion of one over, Dhoni told me that 'three runs are remaining, get these three runs and your hundred would be completed'. "When your mind suddenly turns to your individual performance, individual score, then somewhere you have a rush of blood. Before that moment, my target was only to chase Sri Lanka's target. If only that target remained in my mind, maybe, I would have easily scored my hundred”. Do you also believe not everyone is mentally strong as Dhoni is? . . . #gautamgambhir #gautamgambhir55 #msdhonifc #msdhoni7 #msdhonifansofficial #dhonifan #dhoni7 #dhonism #dhonifans #cricketmerijaan #indiancricket #worldcup2011 #teamindia #indiacricket #cricketlover #cricketlovers

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हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में गंभीर ने कहा कि वास्तव में मुझे इन दोनों वर्ल्ड कप के फाइनल में मैन ऑफ द मैच न मिलने की निराशा है, लेकिन मैं इस बात से खुश रहा कि मेरा योगदान टीम को खिताब दिलाने में मददगार रहा. आगे उन्होंने कहा कि धोनी के याद दिलाने से पहले तक उन्हें अपने स्कोर का भान नहीं था. धोनी ने मुझे याद दिलाया कि मैं 97 के स्कोर पर हूं और मुझे शतक बनाने के लिए ध्यान और सतर्कता से बैटिंग करनी चाहिए. इसके साथ ही गौतम ने कहा कि मुझसे कई बार यह सवाल किया गया था कि जब वह 97 के स्कोर पर थे, तब क्या हुआ था.

आगे गंभीर कहते हैं- ‘मैंने कभी भी अपने निजी स्कोर के बारे में नहीं सोचा, लेकिन मैं श्रीलंका के दिए लक्ष्य के बारे में लगातार सोच रहा था. मुझे याद है कि एक ओवर पूरा होने के बाद धोनी ने मुझसे कहा कि सिर्फ तीन रन बाकी बचे हैं. धोनी ने मुझसे ये तीन रन बनाने और शतक पूरा करने के लिए कहा. जिस समय धोनी ने शतक के बारे में याद दिलाया, इससे मेरी मनोस्थिति पर असर पड़ा और मैं थिसारा परेरा की गेंद पर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में बोल्ड हो गया. जब अचानक से आपका ध्यान निजी उपलब्धि पर लग जाता है, तो आपके भीतर एक उत्तेजना पैदा हो जाती है.’

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Timing is the key. Hence my trusted Apple Watch.

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गंभीर कहते हैं – ‘धोनी के याद दिलाने से पहले मेरा पूर ध्यान श्रीलंका के लक्ष्य पर था. अगर केवल वही लक्ष्य मेरे जहन में होता, तो मैं आसानी से अपना शतक पूरा कर लेता. 97 रन तक मैं वर्तमान में था. पर जब मैं तीन रन दूर था, तो शतक बनाने की चाह से पैदा हुई उत्तेजना मेरे ऊपर हावी हो गई.’

Published by Chanchala Verma on 19 Nov 2019

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