पर्यटन की दृष्टि से ओडिशा के बेहतरीन अभ्यारण्य, जहां देखने को मिलता है प्रकृति का नजारा

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भारत में बहुत से ऐसे वन्यजीव अभ्यारण्य हैं जिनमें कई सारी प्रजातियों के जीव-जन्तु रहते हैं. अगर आपको सैर के साथ ही जंगली जानवरों को देखने का शौक है तो केवल जिम कार्बेट ही नहीं बल्कि और भी ऐसे बहुत सारे नेशनल पार्क है जिनकी सैर आप कर सकते हैं. भारत के दक्षिणी-पूर्वी राज्य ओडिशा में ऐसे ही कई बेहद खूबसूरत नेशनल पार्क है. जिनमें बहुत से अनोखे जीव-जंतु रहते हैं. जानिए उनके बारे में –

देब्रिगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य –

यह अभ्यारण्य केवल देखने में सुंदर ही नहीं है बल्कि इसका ऐतिहासिक महत्व भी है. एक बड़े क्षेत्र में फैला यह अभ्यारण्य कई जीव जन्तुओं को सुरक्षित आश्रय देने का काम करता है. जिनमें आप बाघ, तेंदुआ, जंगली भैंसा, गीदड़, हिरण, खरगोश, बड़ी गिलहरी के अलावा और भी कई जंगली जानवरों को देख सकते हैं. इन सब के अलावा आप यहां कई स्थानीय और प्रवासी पक्षी प्रजातियों को भी देख सकते हैं.

सुनाबेडा वन्यजीव अभ्यारण्य –

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ओडिशा में ही बना हुआ वन्यजीव अभ्यारण्य सुनाबेडा है. इस विशाल अभ्यारण्य का क्षेत्रफल 500 वर्ग किमी है. जो कि टाइगर रिजर्व के रूप में जाना जाता है. जहां बाघों की सुरक्षा और उनकी आबादी पर ध्यान दिया जाता है. यहां से जोंक नदी के खूबसूरत दृश्यों को भी देख सकते हैं. वन्यजीवन को करीब से देखने का यह अच्छा विकल्प है. जंगली जीवों में आप यहां बाघ, तेंदुआ, हिरण, लंगूर, गौर, भालू, भौंकने वाली हिरण आदि को देख सकते हैं.

कोट्टागढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य –

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No, you have never heard of this fall! Read below to find out more. . . . . If there are some places in Odisha that isn't known even to people outside a 50km radius, the majestic Ludu waterfalls might just be one of them. Love our work for Odisha already? 😊Request you to share this on Whatsapp and tag your instagram friends in comments to spread the word. Hidden away in the dense jungles of #Kotagarh in the #Kandhamal district of Odisha, this beautiful and secluded fall is a wonderful place to witness pure, unspoilt nature, far away from the crowd and noise. If you want peace, and can brave a few bad roads, this is for you. Some say it also offers opportunities for fishing, in addition to trekking. However, according to locals and visitors, there is no all-weather road to reach here. Also, as the sight of human beings is rare, we advise against travelling with family. There is of course no tourist facility at the place, so one has to carry food, water etc. in adequate quantities to avoid any inconvenience. Water falls from a height of about 50 feet, smashing over huge rocks that lend the place its unique appeal. Surrounded by tall Sal trees, the fall remains a secret even to the most adventurous. The sanctuary has presence of leopards, tigers, elephants, gaurs, sambars, and various kinds of deers. October to April is the best time to visit. Travel and Stay: Kotagarh wildlife sanctuary is in the Baliguda sub-division of Kandhamal district. It is 250 kms from Berhampur and 60 kms from Baliguda. Nearest railway station is Muniguda (50 kms away). Govt. website says tourists can reach by taxi or bus. You can stay either at the Belghar timber house or at Daringibadi. Book through www.ecotourodisha.com . More info can be found at: #pureodisha_kandhamal Stay tuned, follow us, as we bring you even more information about every nook and cranny of Odisha. ________________________________________________ ➡️Admin @profashutoshkar, @sugatotripathy ________________________________________________ ➡️Awesome Photography by: @harryzozo___ Congratulations!! 👏👏 For feature, tag #pureodisha or us with good description. #odisha #odisha_igers #odishaculture #odisha_tourism

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यह हाथियों और बाघों से भरा कोट्टागढ़ अभ्यारण्य है. यह नेशनल पार्क ज्यादा मशहूर नहींं है लेकिन अगर आप ऑफबीट डेस्टिनेशन पर जाना चाहते हैं तो यह जगह बिल्कुल सही है.

सिमलीपाल अभ्यारण्य –

सेमल और लाल कपास के पेड़ों की वजह से इस जगह का नाम सिमलिपाल रखा गया. यह जगह अपनी प्राकृतिक सुंदरता और झरनों की वजह से काफी आकर्षक है. सिमलिपाल में हाथी, बाघ और हिरण के साथ ही पक्षियों की कई अन्य प्रजातियां पाई जाती हैं.

चिल्का वन्यजीव अभ्यारण्य –

हजारों स्थानीय और प्रवासी पक्षियों का घर, चिल्का वन्यजीव अभ्यारण्य राज्य के चुनिंदा सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिना जाता है. यह सेंचुरी ओडिशा की समुद्री झील पर स्थित है. चिल्का झील और इस अभ्यारण्य को देखने के लिए वर्षभर यहां पर्यटकों का आवागमन लगा रहता है. यहां स्थानीय के अलावा दूर-दराज से प्रवासी पक्षियों का आगमन भी होता है. आप यहां फ्लेमिंगो, एमिरेट्स, व्हाइट-बिल स्टॉर्क, ईगल, स्पून बिल्स, स्पॉट बिल्ड पेलिकन, हेरन, स्टिल्ट्स, सीगल और किंगफिशर आदि को यहां देख सकते हैं.

 

Published by Yash Sharma on 23 Nov 2019

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