रिलीज हुई ‘गुलाबो सिताबो’, फिल्म की कहानी के साथ ही जानें कहां रह गई इसमें कमी

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बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना स्टारर ‘गुलाबो सिताबो’ फिल्म आज अमेजन प्राइम पर आज रिलीज की जा चुकी है. यह फिल्म इस साल की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में शामिल है. काफी समय से दर्शक इस फिल्म की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं. अब फिल्म की रिलीज के बाद यूजर्स फिल्म को लेकर अपने रिएक्शन भी साझा कर रहे हैं तो चलिए आपको बताते हैं इस फिल्म का रिव्यू –

लखनऊ में शूट की गई इस फिल्म को दर्शक काफी पसंद कर रहे हैं. फिल्म में अमिताभ बच्चन मिर्जा के किरदार में और बांके के किरदार में आयुष्मान खुराना नजर आ रहे हैं. इन दोनों के बीच की नोकझोंक दर्शकों का ध्यान अपनी तरफ खिंच रही है.

फिल्म की कहानी –

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जब भी हमारे देश में कोई नौजवान अभिनय के क्षेत्र में कदम रखना चाहता है तो उसका ध्येय होता है अमिताभ बच्चन। मेरी आख़िरी फ़िल्म में एक dialogue था कि बच्चन बनते नहीं है, बच्चन तो बस होते हैं। जब मैंने बचपन में चंडीगढ़ के नीलम सिनमा में “हम” देखी थी और बढ़े से बच्चन को बढ़े से पर्दे पर देखा था तो शरीर में ऐसी ऊर्जा उत्पन्न हुई जिसने मुझे अभिनेता बनने पर मजबूर कर दिया। मेरा पहला tv शूट मुकेश मिल्ज़ में हुआ था और यही वो जगह थी जहां जुम्मा चुम्मा दे दे शूट हुआ था। उस दिन मुझे I have arrived वाली feeling आ गयी थी। अगर तब यह हाल था तो आज आप सोच सकते होंगे मैं किस अनुभूति से गुज़र रहा होऊँगा। गुलाबो सिताबो में मेरे सामने बतौर ‘सह’ कलाकार यह हस्ती खड़ी थी और किरदारों की प्रवृति ऐसी थी की हमें एक दूसरे को बहुत ‘सहना’ पड़ा। वैसे असल में मेरी क्या मजाल की मैं उनके सामने कुछ बोल पाऊँ। इस विसमयकारी अनुभव के लिए मैं शूजित दा का धन्यवाद करना चाहूँगा की उन्होंने मुझे अमिताभ बच्चन जैसे महानायक के साथ एक फ़्रेम में दिखाया है। दादा आप मेरे गुरू हैं, आपका हाथ थाम कर यहाँ तक पहुँचा हूँ। “सौ जन्म क़ुर्बान यह जन्म पाने के लिए, ज़िंदगी ने दिए मौक़े हज़ार हुनर दिखाने के लिए।” -आयुष्मान 🙏🏻 Catch #GiboSiboOnPrime today!

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इस फिल्म की कहानी 78 साल के लालची, झगड़ालू, कंजूस और चिड़चिड़े स्वभाव के मिर्जा यानी अमिताभ बच्चन के इर्द -गिर्द घूमती है. जो अपनी पुरानी हवेली से बहुत प्यार करता है. इस हवेली को वह अपनी बीवी फातिमा की पुश्तैनी जायदाद बताता है. जिसका नाम है फातिमा महल. मिर्जा बहुत लालची किस्म का इंसान है जो अपनी ही हवेली की पुरानी चीजों को चोरी कर उसे बेच देता है. वह हवेली का मालिक बनना चाहता है जिसके लिए वह खुद से 17 साल बड़ी अपनी बीबी फातिमा के मरने का इंतजार करता है. इस हवेली में मिर्जा ने कमाई के लिए कमरे किराए से दिए हैं. इन किराएदारों में से एक हैं बांके रस्तोगी यानी आयुष्मान खुराना. जो इस हवेली के एक हिस्से में अपनी मां और तीन बहनों के साथ रहता है. आंटा चक्की चलाने वाला यह शख्स बांके, मिर्जा को बिल्कुल पसंद नहीं करता है. जिस वजह से आए दिन मिर्जा और बांके के बीच अनबन होती रहती है. मिर्ज़ा बांके को परेशान करने का कोई न कोई नया तरीका ढूंढता ही रहता है. वह चाहता है कि बांके उनकी हवेली से चला जाए.

रह गई कुछ कमियां –

फिल्म की राइटर जूही चतुर्वेदी ने फिल्म का ज्यादातर हिस्सा इन दोनों की अनबन में ही ले लिया है. फिल्म का फर्स्ट हॉफ अनबन दिखाने की वजह से फिल्म बोरियत करने लगती है. कहानी में ट्विस्ट तो तब आता है जब एक वकील से मिलकर मिर्ज़ा बिल्डर को यह हवेली बेचने की तैयारी करने लगता है. लेकिन बांके भी फ्लैट पाने की लालच में आर्कियोलॉजी विभाग के एक अधिकारी से मिलकर इसे पुरातत्व विभाग को सौंपने की प्लानिंग करने लगता है. अब इस कहानी का अंत क्या होता है. इसके लिए तो आपको फिल्म ही देखनी पड़ेगी.

Published by Chanchala Verma on 12 Jun 2020

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