आर्थिक तंगी से जूझने वाली बात को आदित्य नारायण ने बताया झूठा, कहा- ऐसा कुछ नहीं है

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बॉलीवुड एक्टर और एंकर आदित्य नारायण इन दिनों अपनी शादी की खबरों की वजह से सुर्खियों में बने हैं. बता दें एक्टर ने हाल ही में खुलासा किया है कि वह अपनी फिल्म ‘शापित’ को कोस्टार श्वेता अग्रवाल को डेट कर रहे हैं. 10 सालों तक एक दूसरे को डेट करने के बाद अब आखिरकार आदित्य और श्वेता ने शादी करने का फैसला ले लिया है. जिससे दोनों के परिवार के लोग खुश हैं.

इस स्टेटमेंट के बाद आदित्य को लेकर यह खबर आ रही थी कि उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना कर पड़ा रहा है. साथ ही उनके अकाउंट में सिर्फ 18 हजार रूपए ही बचे हैं. आदित्य से जुड़ी इस खबर के सामने आने के बाद अब उन्होंने खुद ही इस तरह की बातों के पीछे की सच्चाई बताई है. हाल ही में दिए इंटरव्यू के दौरान आदित्य ने बताया कि – ‘मैंने यह बात किसी और तरह से कही थी, लेकिन इसे नकारात्मक रूप से पेश किया गया. लोगों के सामने इसे ट्विस्ट करके रखा गया. कहीं न कहीं यह कहा गया कि आदित्य नारायण शादी कर रहे हैं और उनके पास पैसे नहीं हैं. मैंने यह स्टेटमेंट एक एंटरटेनमेंट पोर्टल को ‘तेरे बगैर’ के प्रमोशन के दौरान दिया था. उन्होंने मेरे से पूछा था कि क्या आपको सही लगता है जिस तरह सरकार ने वायरस के चलते मॉल्स, शूट और ऑफिस खोल दिए हैं?’

आगे आदित्य ने कहा- ‘मैनें उनसे इस बात पर कहा था कि मैं अपनी कोई भी पर्सनल सोच इस पर नहीं देना चाहता हूं. सात से आठ महीने बाद मैं आर्थिक रूप से थोड़ी चीजें देख रहा हूं, क्योंकि जनवरी या फरवरी के महीने में मैंने एक फ्लैट खरीदा है, जिसकी डाउन पेमेंट मैंने दी थी. जब आप बड़ा घर खरीदते हैं तो ऐसे में आप बैंक से भी इसके लिए कुछ लोन भी लेते हैं. EMI भरते हुए कई बार ऐसे भी दिन आते हैं जब आपके अकाउंट में कुछ हजार रूपए ही बच जाते हैं, वह ऊपर-नीचे होता रहता है. मेरे कहने का मतलब था कि मैं काम करता हूं, मेरे सामने कुछ चैलेंजेज आते हैं तो मैं समझ सकता हूं कि एक मीडिल-क्लास व्यक्ति और दिहाड़ी मजदूर के लिए यह समय कितना मुश्किलों भरा हो सकता है.’

आगे आदित्य ने कहा कि – ‘मैं लोगों को इस बात से इंस्पायर और मोटिवेट करने की कोशिश कर रहा था कि अगर आपकी जिंदगी में आर्थिक और इमोशनल स्ट्रेस है, तो धैर्य रखें, पूरी दुनिया इससे जूझ रही है. इसकी वजह से हम सभी को कोई न कोई चैलेंज का सामना करना पड़ा है, इसलिए प्लान बी अपनाएं. तो उस चीज को जोड़कर-घटाकर कुछ और ही भरता बना दिया है उन लोगों ने. अब मेरे परिवार और दोस्त लोग फोन करके पूछ रहे हैं कि तुम्हारी कोई मदद कर दें क्या?’

गुस्सा जाहिर करते हुए आदित्य ने कहा कि – ‘मैं अपने फैन्स और पब्लिक से कनेक्ट करने की कोशिश कर रहा था, सब यह सोचते हैं कि केवल उनकी लाइफ अच्छी नहीं है, मैंने कुछ परेशानियां देखी हैं, हम सभी इस महामारी का शिकार हुए हैं. रही बात हमारी लाइफ की तो वह तब तक चलती रहेगी जब तक हमें काम मिलता रहेगा और अगर ऐसा नहीं होता है तो हमें कोई और विकल्प सोचने की जरूरत है. मेरे कहने का मतलब था कि सरकार ने शायद ठीक ही किया चीजों को खोलकर. अगर लोग काम नहीं करेंगे तो घर कैसे चलेगा. यह आम आदमी का मुद्दा नहीं है, हम लोग भी अपने घर की EMI और लोन की पेमेंट भरते हैं. हमारे भी महीने के खर्च होते हैं. सब चीजों को देखते हुए हर इंसान के सामने ये चीजें आती हैं.’

आखिर में आदित्य ने कहा – ‘लोगों को कम से कम ऐसी चीजें लिखनी चाहिए, जिसे पढ़कर यकीन हो. आदित्य बैंक्रप्ट हो गया. मेरा कोई बिजनेस नहीं है कि रातों-रात मैं बैंक्रप्ट हो जाऊंगा. मेरे स्टॉक नहीं गिर गए. कई लोग ये चीजें इसलिए करते हैं, जिससे उन्हें अच्छी हेडलाइन मिल जाए, सेंसेश्नलिज्म हो जाए और अब ज्यादा हो गया है. अगर ऐसा होता रहा तो हम बात करना छोड़ देंगे. तब हमारे लिए ये कहने लगेंगे कि वह तो हमसे बात ही नहीं करता है. जब हम बात करते हैं, दिल से कुछ कहते हैं तो फिर आप कुछ भी डालकर कभी भी आप छाप देते हो.’

Published by Chanchala Verma on 16 Oct 2020

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