राजकुमार राव ने इंडस्ट्री में पूरे किए 10 साल, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की लोकप्रियता को लेकर की बात

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बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव ने ‘रण’ फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में एक्टर का किरदार छोटा था लेकिन इसके बाद से उन्हें नोटिस जरूर किया जाने लगा. बता दें राजकुमार राव ने फिल्म इंडस्ट्री में 10 साल पूरे कर लिए हैं. अपने 10 साल के सफर में एक्टर ने जितनी फ़िल्में की हैं. उनमें से ज्यादातर फ़िल्में लीग से हटकर ही बनी हैं.

हाल ही में एक्टर ने अपने फ़िल्मी सफर और अपनी आने वाली फिल्मों को लेकर बातचीत की. राजकुमार राव की फिल्म ‘छलांग’ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर 14 नवंबर को रिलीज होने वाली है. जिसे हंसल मेहता ने डायरेक्ट किया है. अपनी और हंसल मेहता की जोड़ी को लेकर राजकुमार राव ने कहा – ‘ये बात सच है कि हम जब भी साथ आते हैं तो लोगों को हमसे उम्मीदें होती हैं. हमें एहसास भी है इस बात का कि हमें हर बार कुछ अलग बनाना ही चाहिए और ‘छलांग’ में इसलिए हम लोग कोई सामाजिक नाटकीयता, कोई संवेदनशील कथ्य या कोई सोच पर चोट करने वाली कहानी लेकर नहीं आ रहे. ये हल्की फुल्की फिल्म है और हमें भरोसा है कि लोगों को ये पसंद आएगी. लेकिन, साथ ही मैं ये भी कहना चाहूंगा कि जिस ईमानदारी से हम ‘शाहिद’, ‘सिटीलाइट्स’ या ‘अलीगढ़’ जैसी फिल्म बनाते हैं, उसी ईमानदारी से हमने ‘छलांग’ भी बनाई है.’

अब तक के करियर में फ़िल्में चुनने को लेकर एक्टर ने कहा –  ‘मैं इसका क्रेडिट उन लेखकों और फिल्म निर्माताओं को देना चाहूंगा, जिन्होंने ऐसी फिल्में लिखीं और बनाईं. अगर ये लेखक लिखते नहीं, निर्देशक अलग तरह की फिल्में बनाते नहीं, निर्माता इनमें पैसा लगाते नहीं तो हमारे जैसे कलाकार तो पता नहीं कहां होते. अगर दिबाकर बनर्जी नहीं सोचते कि मुझे ‘एलएसडी’ बनानी है और मेरे जैसे नए लोगों से काम लेना है तो कुछ नहीं होता. इसके साथ ही मैं इस बदलाव का श्रेय दर्शकों को भी देता हूं जिन्होंने इस तरह की फिल्में पसंद कीं.’

ओटीटी प्लेटफॉर्म को लेकर राजकुमार ने कहा – ‘मेरे हिसाब से काफी बढ़ा है. अब निर्माता पर मुनाफे का तनाव नहीं है. ओटीटी ने एक ताकत दी है कि अगर आपके पास कहानी है कहने को, तो लोग उसे देखेंगे. हर फिल्म की रिलीज से पहले शहर शहर घूमने और रोज नए कपड़े पहनकर करोड़ों रूपए फिल्म के प्रचार में खर्च करने की जरूरत भी इसने खत्म कर दी है. दर्शकों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, उन्हें एक अच्छी कहानी चाहिए होती है.’

अपने को स्टार सतीश कौशिक और सौरभ शुक्ला से कॉमेडी सीखने की बात पर राजकुमार राव ने कहा – ‘सतीश कौशिक के हास्य का मैं बचपन से फैन रहा हूं. कैलेंडर का उनका किरदार कालजयी किरदार है. फिल्म ‘जाने भी दो यारो’ में उनका वह टेलीफोन वाला सीन बहुत कुछ सिखाता है. वह खुद बताते हैं कि कैसे इसे शूट करते वक्त लोगों को इस दृश्य में तर्क नहीं दिख रहा था. लेकिन, फिल्म रिलीज होने के बाद अब वह सिनेमा के बेहतरीन दृश्यों में गिना जाता है.’

Published by Chanchala Verma on 07 Nov 2020

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