नहीं रहे MDH मसाला कंपनी के मालिक धर्मपाल गुलाटी, अपनी सैलरी की 90 प्रतिशत राशि करते थे दान

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साल 2020 में देश की कई नामी शख्शियतों ने इस दुनिया से अलविदा लिया है. इसी बीच अब साल के आखिरी महीने में भी एक नामी शख्स इस दुनिया को छोड़कर चले गए. बता दें देश की नामी मसाला ब्रांड कंपनी एमडीएच के मालिक ‘महाशय’ धर्मपाल गुलाटी का आज निधन हो गया है. बता दें धर्मपाल गुलाटी ने आज सुबह ही 98 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कहा. रिपोर्ट्स की माने तो गुलाटी पिछले तीन हफ्तों से दिल्ली के एक हॉस्पिटल में एडमिट थे और गुरुवार सुबह दिल का दौरा पड़ने की वजह से उनकी मौत हो गई. सुबह 5:38 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. इससे पहले वह वायरस से संक्रमित भी हो गए थे लेकिन इससे वह ठीक हो चुके थे.

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बता दें गुलाटी को पिछले साल ही पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. देश दुनिया में वह ‘दादाजी’,  ‘मसाला किंग’, ‘किंग ऑफ स्पाइसेज’ और ‘महाशयजी’ के नाम से पॉपुलर हैं. गुलाटी का जन्म साल 1923 में पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था. उन्होंने स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर अपने पिता के साथ मसाले के व्यवसाय में काम करना शुरू कर दिया था. साल 1947 में हुए विभाजन के बाद धर्मपाल गुलाटी भारत आ गए और अमृतसर में एक शरणार्थी शिविर में रहे.

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जिसके बाद दिल्ली आ गए थे और दिल्ली के करोल बाग में उन्होंने अपना पहला मसाला स्टोर खोला. साल 1959 में गुलाटी ने आधिकारिक तौर पर कंपनी की स्थापना की. जो आज देश से बाहर भी पॉपुलर हो चुकी है. एमडीएच मसाला फैक्ट्री को ‘महाशियां दी हट्टी’ भी कहा जाता है. इस फैक्ट्री की स्थापना के बाद गुलाटी भारतीय मसालों के एक वितरक और निर्यातक बन गए.

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मसाला किंग की कंपनी भारत के अलावा ब्रिटेन, यूरोप, यूएई, कनाडा के अलावा दुनिया के कई हिस्सों में मौजूद है. जहां वह भारतीय मसालों का निर्यात करती है. एमडीएच मसाला के अनुसार, धर्मपाल गुलाटी अपने वेतन की लगभग 90 प्रतिशत राशि दान करते थे.

Published by Chanchala Verma on 03 Dec 2020

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