बिना फॉर्म-16 फील किए भी भरा जा सकता है आईटीआर, पढ़ें पूरी डिटेल्स

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किसी भी नौकरीपेशा शख्स के लिए आयकर रिटर्न करना बहुत जरूरी होता है. जब भी कोई शख्स आयकर रिटर्न करने जाता है तो उसके लिए फॉर्म-16 भरना सबसे जरूरी होता है. इस दस्तावेज के बिना आईटीआर भरना मुमकिन नहीं है. इस फॉर्म से ही किसी भी शख्स की ग्रॉस सैलरी की जानकारी मिलती है. लेकिन इस बार महामारी की वजह से कई लोगों की नौकरी चली गई थी. अगर आपकी भी नौकरी चली गई है या आपका बिज़नेस बंद हो गया है. जिसकी वजह से आपको फॉर्म-16 नहीं मिल सका. तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है. तो चलिए आपको बताते हैं कि आप फॉर्म-16 के बिना आप अपना रिटर्न कैसे दाखिल कर सकते हैं.

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पहले अपनी सभी आय की गणना करें –

आप जिस वित्त वर्ष का रिटर्न भरने जा रहे हैं. उस अवधि में हुए सभी आय की गणना करें. आप नौकरीपेशा हैं तो वर्ष के सारे पे स्लिप जमा करें क्योंकि आपके पे स्लिप में सैलरी से संबंधित जरूरी डीटेल लिखी होती है. इसके साथ मकान का किराया, बैंक में जमा पर ब्याज आदि की गणना करें. अगर आपने बीच में नौकरी बदली है तो दोनों कंपनियों के पे स्लिप डीटेल्स भरें. हालांकि वेतन गणना करते समय इस बात का जरूर ध्यान रखें कि आपको जो वेतन मिलता है. वो आपका पीएफ टीडीएस, प्रोफेशन टैक्स काटकर दी जाती है.

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करें टीडीएस की गणना –

सैलरी की टीडीएस गणना के लिए फॉर्म 26एएस देखें. जिसमें आपकी सैलरी पर लगे टीडीएस की जानकारी लिखी होती है. इस बात जरूर ध्यान रखें कि जितना कर आपकी सैलरी स्लिप में है और जितना फॉर्म-26एएस में दिख रहा है वह समान है. ऐसे में अगर आंकड़े समान नहीं आते हैं तो इस स्थिति में आप एक बार पुरानी कंपनी से मदद ले सकते हैं. इससे आपको यह पता चल सकेगा कि सैलरी में और फॉर्म-26एएस में अलग-अलग टैक्स क्यों दिख रहा है.

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करें टैक्स छूट और कटौती का दावा –

मिलने वाले तमाम भत्ते को सैलरी से कम करें. इसके अलावा सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रूपए तक के निवेश पर टैक्स छूट का दावा करें. सेक्शन 80डी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस पर टैक्स छूट क्लेम करें. इसके अलावा और भी जो निवेश किया हो या खर्च किया हो, जिस पर टैक्स छूट मिल सकती है, वह सब दावा करें.

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आखिर में करें ये काम –

ऊपर लिखी प्रोसेस पूरी करने के बाद आपके सामने टैक्सेबल इनकम आ जाएगी. आप इस पर टैक्स की गणना कर के भर दें. अगर पहले ही अधिक टैक्स भर दिया है तो वह आईटीआर भरने के बाद वापस हो जाएगा. कितना टैक्स देना है  इसकी गणना अपने आप ही आईटीआर फॉर्म में दिखने लगेगा. इस बात का भी ध्यान रखें कि आईटीआर भरने के बाद ई-वेरिफिकेशन जरूर कराएं. इन सभी शर्तों को पूरा कर लेने के बाद आप फार्म-16 के बगैर भी इनकम टैक्स फाइल कर सकते हैं.

Published by Chanchala Verma on 29 Dec 2020

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