अजीब खबर : भूत के डर से अपने खेतों में धान की कटाई नहीं करते हैं पितीज गांव के लोग

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हमारे देश से जुड़ी कई तरह की अजीब घटनाएं हमें सुनने में आती हैं. ऐसी ही एक घटना के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं. हम बात कर रहे हैं झारखंड के चतरा जिला मुख्यालय से लगभग 27 किलोमीटर दूर पितीज गांव की. इस गांव के लोग काफी समय से एक डर के साये में जी रहे हैं. आज देश ने तरक्की तो कर ली है लेकिन अभी भी इस गांव के लोग अंधविश्वास से जुड़े हैं. दरअसल भूत-प्रेत के डर की वजह से यहां के लोग खेतों में लगे धान की कटाई नहीं कर रहे हैं. इन लोगों ने खेतों में लगे धान को सड़ने के लिए छोड़ दिया है.

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ग्रामीण लोगों का कहना है कि अगर वह धान की कटाई करेंगे तो गांव पर विपत्ति आ जाएगी. गांव के ग्रामीण संजय यादव ने बताया कि यहां गांवाट (पाहन) का बहुत असर है. गांव का मालिक पूजा नहीं करता है तो अनिष्ट की आशंका बनी रहती है. एक बार गांवाट (पाहन पूजारी) ने पूजा नहीं की थी, तो यहां के लोगों ने भूत के डर से खेती नहीं की. धान कटाई करने से पहले लोग गांव के मालिक से ग्राम देवता की पूजा करवाते हैं. यहां के लोगों को आशंका रहती है कि अगर गांव के मालिक ने पूजा नहीं की तो धान कटाई करने से कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है. आगे अन्य ग्रामीण ने बताया कि अनहोनी के खौफ से यहां के लोगों ने धान खेतों में ही बर्बाद होने के लिए छोड़ दिया है. अंधविश्वास है कि गांव के मालिक की ओर से ग्राम देवता और कुल देवता की पूजा विधि-विधान से नहीं की जाती है. तब तक यहां धान की कटाई नहीं हो सकती है. ग्रामीण प्रकाश कुमार ने बताया कि गांव वालों का का मानना है कि धान की कटाई करने से इस गांव का भूत उनका कुछ ना कुछ बुरा जरूर करेगा.’

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बता दें इस गांव के लोग जय गुरुदेव को मानते हैं और स्थानीय लोगों के बीच एकता नहीं रहने की वजह से कुल देवता और ग्राम देवता की पूजा नहीं हो पा रही है, जिसके कारण अब कुल देवता और ग्राम देवता की पूजा के बगैर यहां धान की कटाई नहीं की जा सकेगी. फ़िलहाल गांव की स्थिति यह है कि अगर कोई खेतों से धान काटकर अपने घर ले जाता है तो भूत भी उसके घर जाकर कुछ ना कुछ अशुभ कार्य कर देगा. गांव के लोगों के बीच अंधविश्वास इस कदर बढ़ गया है कि अगर धान की कटाई की जाए तो कोई विपत्ति गांव पर जरूर आ जाएगी.

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गांव के लोग भूत से इस कदर डर रहे हैं कि वे उस अंधविश्वास से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं और ना ही उन्हें इस अंधविश्वास से बाहर निकालने के लिए अबतक कोई कारगर पहल की जा रही है. चतरा में इस तरह के अंधविश्वास की बातें कोई नई बात नहीं है. इससे पहले भी जिले के कई गांवों में भूत के डर से 3 साल तक खेती नहीं हुई थी.

Published by Chanchala Verma on 04 Jan 2021

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