1 अप्रैल से लागू होंगे आयकर के नए नियम, हर वर्ग के शख्स के जनजीवन पर होगा इसका असर

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फाइनेंस सेक्टर के लिए मार्च का महीना काफी अहम होता है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2021 पेश करने के साथ ही आयकर नियमों में बदलाव की भी घोषणा की थी. जो कल यानी 1 अप्रैल 2021 से लागू होने वाले हैं. तो चलिए आपको बताते है इन बदलाव के बारे में जो कल से लागू होंगे –

1. टीडीएस (TDS) –

आईटीआर फाइलिंग को केंद्र सरकार बढ़ावा दे रही है. सरकार ने नया नियम बनाया है कि जो भी लोग ITR फाइल नहीं करेंगे उनको डबल टीडीएस देना होगा. सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में सेक्शन 206AB को जोड़ दिया है. इस सेक्शन के मुताबिक, अब ITR फाइल नहीं करने पर 1 अप्रैल, 2021 से दोगुना TDS देना होगा. नए नियमों के हिसाब से 1 जुलाई 2021 से पीनल TDS और TCL दरें 10-20 फीसदी होंगी जो कि आमतौर पर 5-10 फीसदी होती हैं. ITR दाखिल नहीं करने वालों के लिए TDS और TCS की दर, 5 फीसदी या तय दर, जो भी ज्यादा हो, उससे दोगुनी हो जाएगी.

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2. नई कर व्यवस्था चुनने का विकल्प 

बजट 2020-21 में सरकार ने वैकल्पिक दरों और स्लैब के साथ एक नई आयकर व्यवस्था भी शुरू की है जो 1 अप्रैल से लागू होगी. नई कर व्यवस्था में कोई छूट और कटौती का लाभ नहीं मिलेगा. हालांकि नई कर व्यवस्था वैकल्पिक है यानी करदाता अपनी इच्छा के हिसाब से वह पुराने टैक्स स्लैब के हिसाब से भी आयकर अदा कर सकता है. इसमें नए कर प्रस्ताव के तहत 5 लाख रूपए सालाना आय वाले को कोई कर नहीं देना होगा.

 

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3. 75 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को टैक्स से राहत –

बजट में वित्तमंत्री ने ऐलान किया था कि 75 साल से ज्यादा के लोगों को टैक्स से राहत दी गई है. यानी 1 अप्रैल 2021 से 75 साल से ज्यादा के लोगों को टैक्स फाइल नहीं करना होगा. यह छूट उन सीनियर सिटीजंस को दी गई है जो पेंशन या फिर फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज पर आधारित है.

 

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4. पीएफ कर नियम (PF Tax Rules)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट की घोषणा करते समय कहा था कि पीएफ अकाउंट में साल भर में 2.5 लाख रूपए से ज्यादा निवेश पर करने पर उसका ब्याज टैक्स के दायरे में आएगा. इसका मतलब यह है कि एक वित्त वर्ष में आपको प्रॉविडेंट फंड में सिर्फ 2.5 लाख रूपए के योगदान पर ही टैक्स छूट का लाभ मिलेगा. यह केवल एंप्लॉयीज के कंट्रीब्यूशन पर लागू होगा, एंप्लॉयर (कंपनी) के योगदान पर नहीं.

 

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5. पहले से भरे हुए ITR फॉर्म –

व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स को पहले से भरे हुए आयकर रिटर्न (ITR) दिए जाएंगे. टैक्सपेयर्स के लिए अनुपालन को आसान बनाने के लिए, पहले से ही आयकर रिटर्न में वेतन आय, कर भुगतान, टीडीएस, आदि डिटेल्स पहले से भरी हुई होंगी. रिटर्न दाखिल करने में आसानी के लिए, लिस्टेड सिक्योरिटीज से capital gains, डिविडेंड इनकम, और बैंकों, डाकघर से ब्याज आदि का डिटेल्स भी पहले से भरना होगा.

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6. ​LTC कैश वाउचर स्कीम के तहत बिल जमा करना –

एलटीसी कैश वाउचर स्‍कीम के तहत टैक्‍स बेनिफिट लेने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2021 है. टैक्सपेयर को फायदा प्राप्त करने के लिए 31 मार्च तक अपने संस्‍थान को जरूरी बिल जमा करने होंगे. बिल में जीएसटी की रकम और वेंडर का जीएसटी नंबर होना भी जरूरी है. एलटीसी कैश वाउचर स्‍कीम के तहत लाभ लेने के लिए कर्मचारी को एलटीए किराए की तीन गुना रकम 12 फीसदी और उससे ज्यादा जीएसटी वाली सेवाओं या सामान में खर्च करनी है.

Published by Chanchala Verma on 31 Mar 2021

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