केंद्र सरकार ने लिया ब्याज दरें घटाने का आदेश वापस, वित्त मंत्री सीतारमण ने ट्वीट कर दी जानकारी

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सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज़ दर घटाने का अपना फ़ैसला वापस ले लिया गया. बताया गया है कि ब्याज दरें पहले की तरह ही बनी रहेंगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट के ज़रिये इसकी जानकारी दी है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार सुबह ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने लिखा, ‘भारत सरकार की छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज उसी दर पर मिलता रहेगा जो 2020-21 की आखिरी तिमाही में मिल रहा था. भूलवश जो आदेश जारी हुआ था उसे वापस ले लिया गया है.’

आपको बता दें ​​कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च को PPF, सुकन्या समृद्धि, एनएससी जैसी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें घटाने का ऐलान किया था. केंद्र सरकार ने बुधवार को वित्त मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर बताया था कि छोटी योजनाओं (लघु बचत योजनाओं) पर ब्याज दर 1.10 फीसदी तक घटाई गई हैं. नई दरें 1 अप्रैल 2021 से लागू हो जाएंगी. केंद्र के इस फैसले का सबसे ज्यादा प्रभाव मिडिल क्लास पर पड़ता.

सोशल मीडिया पर इस फैसले के लिए मोदी सरकार की काफी आलोचना शुरू हो गई थी. अगले ही दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आदेश वापस लेने का ऐलान करते हुए कहा कि छोटी बचत योजनाओं पर पुरानी ब्याज दरें जारी रहेंगी. बता दें कि सरकार ने बुधवार को लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) और एनएससी (राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र) समेत लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में 1.1 प्रतिशत तक की कटौती की. यह कटौती एक अप्रैल से शुरू 2021-22 की पहली तिमाही के लिए की गई थी. ब्याज दर घटने के रुझान के अनुरूप यह कदम उठाया गया था.

इसी प्रकार दो साल के लिए मियादी जमा पर पर ब्याज 0.5 प्रतिशत घटाने का फैसला किया गया था. लेकिन उस पर भी 5. 5 प्रतिशत ब्याज मिलेगा. जबकि  तीन साल की जमा पर पुराना ब्याज दर ही जारी रहेगा. वहीं पांच साल की जमा पर ब्याज 0.9 प्रतिशत कम नहीं होगा. पुरानी स्कीम ही जारी रहेगी. बालिकाओं के लिए बचत योजना सुकन्या समृद्धि योजना खाते पर ब्याज 2021-22 की पहली तिमाही के लिए 0.7 प्रतिशत घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया गया था. लेकिन इस पर 7.6 प्रतिशत ब्याज मिलता रहेगा. किसान विकास पत्र पर सालाना ब्याज 6.9 प्रतिशत ही रहेगा.

Published by Yash Sharma on 01 Apr 2021

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