रेमडेसिविर का बाजार में हो रहा नकली विक्रय, IPS मोनिका ने ट्वीट कर दी जानकारी

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कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से मध्य प्रदेश में रेमडेसिविर की मांग बढ़ गई है. जिसकी वजह से लोग इसकी कालाबाजारी कर रहे हैं. आलम यह है कि दलाल आपदा में भी ठगी करने से बाज नहीं आ रहे हैं और मासूम जनता को नकली रेमडेसिवर पकड़ा दे रहे हैं. इससे आए दिन लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं. असली और नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन लोग पहचान सकें और ठगी का शिकार ना हो इसलिए आईपीएस मोनिका भारद्वाज ने इंजेक्शन की पहचान को लेकर ट्वीट किया है. जिसकी मदद से आप असली और नकली इंजेक्शन की पहचान कर सकते हैं.

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की DCP और IPS अधिकारी मोनिका भारद्वाज ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने बताया है कि रेमडेसिविर की नकली और असली शीशी की पहचान कैसे की जाए. उन्होंने नकली पैकेट पर मौजूद कुछ गलतियों की तरफ इशारा किया है, जो इसे असली पैकेट से अलग करने में मदद कर सकते हैं.

इस समय ऑक्सीजन के बाद अगर किसी चीज की सबसे ज्यादा मांग है तो वह रेमडेसिविर इंजेक्शन है. कोरोना के इलाज में शामिल रेमडेसिविर इन दिनों कई राज्यों में तय कीमत से 1,000 गुना ज्यादा तक की कीमत पर बिक रहा है. इतना ही नहीं दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्‍योंं से नकली रेमडेसिविर की शिकायतें भी आ रही हैं. पिछले दिनों उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में कुछ लोगों को नकली रेमडेसिविर बेचने के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया है. ऐसे में अगर इसकी सही से पहचान नहीं की गई तो नकली रेमडिसिविर जानलेवा साबित हो सकता है.

आपको बता दें कि कोरोना मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए उनके तीमारदार दिन भर भटक रहे हैं लेकिन कहीं से इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में तीमारदारों को परेशानी तो हो ही रही है मरीजों को ठीक से इलाज भी नहीं मिल पाता है. अब तक बहुत से ऐसे मरीज हैं जो रेमडेसिविर इंजेक्शन से लिए भटक रहे हैं तो वहीं सही समय पर ये इंजेक्शन ना मिलने पर अपनी जान भी गवां चुके हैं.

Published by Yash Sharma on 28 Apr 2021

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